डियर राकेश
इस से पहले मैं आपको अपने लिखे हुए उल जुलूल शब्दों को लेख का नाम देकर पढ़ने को मजबूर कर दूँ आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई...आपके भविष्य के लिए आपको बहोत शुभकामनायें. भगवान आपको लम्बी और सुख भरी उम्र दे, ऐसी मैं आपके लिए कामना करता हूँ.....
आज जब आपसे कुछ कहने और सुनाने का मौका लिखने के जरिये मिला है तो मैं आपको पहले ही बता दूँ की अपनी एकतरफा बकबक हिंदी में ही करूँगा. because unfortunately I am not enough comfortable in English....
वैसे तो मुझे पता नहीं क्या लिखना है पर मोनी ने बोला है की उसने आपको कोई सरप्राइज देना है, सो कुछ लिखना पड़ेगा. वैसे सोचने वाली बात है की मैसेज कलेक्शन भी एक सरप्राइज गिफ्ट हो सकता है!! हो क्यों नहीं सकता जब सानिया मिर्जा वर्ल्ड नंबर वन की रैंकिंग हासिल कर सकती है, मनमोहन सिंह भाषण दे सकता है, और आप डांस कर सकते हैं तो मैसेज कलेक्शन भी एक सरप्राइज गिफ्ट हो सकता है. अपनी अपनी जॉब की वजह से हमारी बहोत ज्यादा मेल मुलाकात नहीं हो पायी है. देखा जाये तो जॉब एक कठिन निर्मम शब्द है. स्पेलिंग भले ही छोटी है लेकिन जब करने लगे तो नॉलेज के K की तरह जिंदगी साइलेंट हो जाती है. इसी साइलेंट जिंदगी में खोया हुआ मैं आपकी शादी में अपनी बहन और आपको "सदा खुश रहो और फूलो फलो" का आशीर्वाद नहीं दे पाया था. खैर जो रुक जाये वो जिंदगी क्या, बात आगे बढ़ी और आपसे फिर नीरज की शादी में मुलाकात हुई. ये मुलाकात जय वीरू की जोड़ी तब बन गयी जब महफ़िल ख़त्म होने के बाद हम दोनों शादी के अगले दिन नीरज की ससुराल पहुचें. जब रास्ते भर गाड़ी में मैं वीरू की तरह बकर बकर करता रहा तो आप शोले के जय की तरह कान में रुई डाल कर मन ही मन मुस्कुराते रहे. वैसे डांस करने से बचने के लिए आपका मम्मी के पीछे छुपना संता बंता के लिए भी प्रेरक क्षण हो सकता है....
नेहा की शादी से होते हुए हमारी मुलाकात फिर युवान के कुंआ पुजन समारोह में हुई. आपकी आवभगत करते हुए VVIP सुरक्षा में लगे काले चश्मे वाले कमांडो का अहसास हुआ. काले चश्मे इसलिए ताकि सामने वाले को पता नहीं चले की निगाह किधर है. फिर इसी दौरान अापसे थोड़ी बातचीत करने का अवसर मिला. आपके टेक्निकल स्किल और नॉलेज का तो मैं पहले दिन से ही टेबल फैन हूँ. इसी फैन और कूलर की सरसराहट के बीच कुंआ पुजन की रस्म शुरू हुई तो मैंने आपसे डिस्को डांसर बनने की गुजारिश की. इस से पहले की मेरी गुजारिश खत्म होती इस बार मैंने आपको डीजे के आगे वाइब्रेशन मोड़ में पाया. मिले सुर मेरा तुम्हारा की तर्ज पर इस वाइब्रेशन में मैंने, रवि ने और जगबीर जी ने भी अपना अपना सुर डाला. और फिर क्या खूब जमा रंग.....आप एक अच्छे दोस्त और रिलेटिव हो. रिलेटिव इसलिए बोला क्यूंकि रिश्तेदार बोलना अब ओल्ड फैशन हो गया. जो आपकी पर्सनालिटी के हिसाब से आपके ऊपर शूट नहीं करेगा.
राकेश जी, मुझे नहीं पता मुझे क्या लिखना था और क्या लिख दिया और क्यूँ लिख दिया. इतना बड़ा अत्याचार झिलवाने के लिए आपसे सप्रेम माफ़ी मांगता हूँ. बात का सार केवल इतना सा है की आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें. आप और आपके साथ मेरी बहन मोनी सपरिवार सदा खुश रहे. एक बार फिर इसी मंगलकामना के साथ ....बोल सांचे दरबार की ...जय
खत्म हो गया भाई मुस्कुराना बंद करो. हाहाहा. रोहित.
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