Wednesday, 25 March 2015

मेवात - मिनी पाकिस्तान

हरियाना का एक हिस्सा है मेवात। मेवात वही इलाका है जहाँ वोट बैंक के चक्कर एक नकली यादव सलीम खान बन जाता है। ऐसा सुना है की उसको मिनी पाकिस्तान भी बोलते हैं। क्यूँ बोलते हैं उसके बारे मे ज्यादा जनकारी यहाँ दे नहीं सकता। अपने एक मित्र को उस area मे नौकरी मिली है। मास्टरी की। मास्टर जी एक दिन बैठे थे तो किस्सा सुनाया वहा के स्कूल का। बताए हैं कोई भी बच्चा स्कूल आता ही नहीं है। कारण पूछते हैं तो बताया जाता है की मस्जिद मे गए थे। अगर स्कूल का समय आगे पिछे किया जाता है तो मस्जिद का समय भी आगे पिछे कर दिया जाता है ताकी कोई बच्चा स्कूल ना जा पाये। बच्चे पढने लिखने मे इतने जाहिल हैं की मास्टर लोग black board पर answer लिख दें तो बच्चे उसको copy तक नहीं कर सकते हैं। अभी जो exams हुए उसमे एक question के जवाब मे एक बच्चे ने लिखा मास्टर तेरी @#*! ... लेकिन मास्टर को सख्त हिदायत है की खबरदार अगर किसी बच्चे को फेल किया तो। वो बच्चे साल दर साल आगे की कक्षाओं मे बढते जा रहे हैं जिनको लिखना और पढना तो दुर समझना तक नहीं आता। मुस्लिम पर्सनाल लॉ की बैठक चल रही है कही जयपुर मे। बोलते हैं की बोर्ड ने बोला है की ये सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के विरुध काम कर रही है। मुस्लमान अपने आप को असुरक्षित महसुस कर रहा है। किसी सिरफिरे का नारा "एक हाथ मे कुरान, एक हाथ मे computer" बरबस ही याद आ गया। ए ईमान वाले भाइयों स्कूल मत जाओ। कोई जरूई नहीं। आप बस safe feel करो। बाकी सब तो खैर देखा ही जाएगा। आमीन ....

हिन्दू धर्म मे जात पात का उत्पात

बाकी धर्मों का तो खैर हमे खास ज्ञान नही। किन्तु हिन्दू धर्म मे जात पात का इतना उत्पात है की अब धर्म के बजाय जात से ज्यादा पहचान होने लगी है। किसी ने कहा था की हिन्दू धर्म दरअसल एक किराना स्टोर है। जहाँ सब कुछ मिलता है। जैसे हल्दी, धनिया, नमक इत्यादि। पर अगर आप किराना स्टोर पर जाकर दुकानदार से कहेंगे की 2 किलो किराना दे दे तो दुकानदार तुरंत ही आपको पागल घोषित कर देगा। कितनी अजीब बात है नाम किराना स्टोर पर किराना ही नही मिलता!! किराना को छोड़ कर बाकी सब कुछ मिलता है। ठीक वैसे ही हिन्दू हो गया है। हिन्दू को छोड़ कर सब कुछ मिलता है। इसलिये कुछ लोग यहाँ जम के शॉपिंग करते हैं। जैसे केजरीवाल जी ने कभी नही कहा मै हिन्दू हूँ पर ये बताना नही भूले की मै बनिया हूँ। मुलायम लालू जैसे नेता किराना स्टोर से यादव नाम का समान ज्यादा लेते हैं। मायावती जी भी जाती हैं किराना स्टोर। वो हरिजन पर ज्यादा हक जताती हैं। UPA और NDA भी गये थे किराना स्टोर से जाट को लेने पर अभी सुना है सुप्रीम कोर्ट ने देने से मना कर दिया है। अब अगले चुनावी सीज़न मे फिर से जायेंगे। ए भाई हमको जाट देना जरा।

गुरु जी और बिच्छू का डॅंक

RSS के दूसरे सरसंघचालक श्री माधव सदाशिवराव गोवलकर को सभी संघी गुरु जी के नाम से जानते हैं। बात तब की है जब गुरु जी बनारस हिन्दू University मे पढ़ा करते थे। एक दिन गुरु जी अपना एक पाँव बाल्टी मे रख कर पुस्तक पढ़ने मे वयस्त थे। उनके किसी मित्र ने पूछा की ऐसे क्यूं बैठे हो? गुरु जी ने बताया की "पाँव मे बिच्छू ने डॅंक मारा है। इसलिये Potassium Per-magnet के solution मे पाँव रख कर बैठा हूँ। इस से बिच्छू का विष धीरे धीरे अपने आप निकल जायेगा।" मित्र को बड़ा आश्चर्य लगा। असहनीय दर्द के बारे मे पूछने पर बोले की "भाई बिच्छू ने पाँव मे डॅंक मारा है, मस्तिषक मे नही। तो भला पुस्तक पढ़ने मे कैसी दिक्कत।" अपने प्रधान सेवक मे जो ये डॅंक वाला दर्द सह कर भी मस्तिषक को काबू मे रखने की गज़ब की क्षमता है ये जरूर संघ से ही आई है। डॅंक कितने भी लगते रहें लेकिन मज़ाल कोई बंदे का ध्यान असली मुद्दे से हटा दे। अश्वमेध यग चालू आहे।

Monday, 9 March 2015

J&K - “मियाँ की जूती मियाँ के सर”

किस्सा तब का है जब पंडित मदन मोहन मालवीय बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी बनाने के लिए लोगों से चंदा मांग रहे थे | शिक्षा का प्रसार भारत में उस समय काफ़ी कम हो गया था | उच्च शिक्षा के लिए तो जागरूकता भी नहीं थी और संसाधन तो भारत में थे ही नहीं | अंग्रेजों की गुलामी के ऐसे माहौल में शहर शहर गाँव गाँव घूम कर पंडित जी लोगों को जगाने लगे | 
जैसा की जाहिर है उनके इस भागीरथी प्रयास का मज़ाक उड़ाने वालों की भी कोई कमी नहीं थी | ऐसे ही एक बार जब वो हैदराबाद पहुंचे तो निजाम साहब के पास भी इस कार्य में मदद मांगने चले गए | निज़ाम साहब जरा सनकी थे, किसी बात पर उन्हें पंडित जी पसंद नहीं थे | उन्होंने टरकाने के इरादे से पुछा की कितना चंदा आप मुझसे उम्मीद करते हैं ? पंडित जी ने संकोच वश कह दिया जो भी आप दे दें इस सत्कार्य के लिए वही बहुत है | पंडित जी ने सोचा होगा निज़ाम साहब अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से देंगे | निज़ाम साहब ने अपने जूते पंडित जी को थमा दिए | कुटिल मुस्कान के साथ कहा, इस काम के लिए ये रहा मेरा चंदा, स्वीकार करें ! पंडित जी ने जूते समेटे और बाहर आ गए, अपने साथियों को उन्होंने कहा कल चार मीनार पर इनकी नीलामी होगी और जो धन आएगा उसे हम इस्तेमाल करेंगे | उनके साथ के लोग फ़ौरन हैदराबाद के सारे बड़े घरानों में दौड़ गए और सबको ख़बर किया की निजाम साहब ने अपने जूतों की नीलामी से आने वाला पैसा यूनिवर्सिटी बनाने के लिए देंगे | 
जंगल की आग की तरह खबर सारे शहर में फ़ैल गई | निज़ाम साहब की गरीबी की बातें होने लगी, शहर में चर्चा हुई की अगर निज़ाम साहब के पास धन कम है तो हमें ज्यादा से ज्यादा कीमत पर जूते ख़रीद कर अपने निज़ाम की इज्ज़त बचानी चाहिए | अब तो निज़ाम साहब का दांव उल्टा पड़ गया ! मरता क्या न करता ! आखिर अगले दिन निजाम साहब की माँ ने जुटे साढ़े चार लाख में ख़रीदे और वो धन यूनिवर्सिटी बनाने में गया | इस तरह कहावत शुरू हुई “मियाँ की जूती मियाँ के सर” !

अब पुराने ज़माने में तो शाहरुख़ को फिल्मों में कहना पड़ता था “My name is Khan and I am not a Terrorist.” और आज ये हाल है की किसी मुसलमान को बिना चार्ज शीट के जेल में रखने पर प्रधानमंत्री आक्रोशित हो रहे हैं ! सेक्युलर होने का ढोंग रचने वाली पार्टियों के पेट में उबाल आ गया है| पहले जब सोलह बार रिहा किया था तो नहीं याद आया था ? मियाँ की जूती मियाँ के सर पड़ गई तो दर्द हो रहा है ?

J&K - भाजपा को शहद की लालसा।

अगर आपके पास कोई भी protective equipment नहीं है तो शहद पाने के लिये आपको मधुमक्खी के छत्ते मे सीधा हाथ ही डालना पड़ेगा। हालांकि शहद पाने की लालसा मे हाथ का जख्मी होना भी स्वभाविक है। जख्मो के लिये remedy तैयार रखना आपका काम है। भाजपा ने सिर्फ और सिर्फ छत्ते मे हाथ डाला है। पर मुफ्ती को देख कर लगता है की इस केस मे मधुमक्खी भी confidence मे नहीं डर मे जी रही है। शहद लूट जाने के डर मे। मेरा मानना है की अलबत्ता तो आपको ऐसे उल्टे पंगे लेने ही नहीं चाहिये थे। पर अब जब छत्ते मे हाथ डाल ही दिया है तो डटे रहो। हाथ जख्मी करवाने के बाद भी बिना शहद लिये आने सिर्फ और सिर्फ मूर्खता ही कही जायेगी। अभी तो बस शुरुआत है डॅंक तो कई लगने बाकी हैं। हमे कोई जल्दी नहीं बस आते हुए जरा सा शहद लेते आना। डटे रहो।

communal त्यौहार - होली

हर दूसरे दिन एक communal त्यौहार। देखो भैया साम्प्रदायिक लोगों। कोई होलिका दहन नहीं करेगा। एक साथ पूरे देश भर मे इतनी बड़ी सँख्या मे होलिका दहन करने से उसमे से carbon-mono-oxide निकलेगी। यह गैस सौरमंडल मे जाकर ozone layer को टक्कर मार सकती है। जिस से सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणे सीधे आपके नश्वर शरीर मे घुस जाएंगी और फिर जानलेवा कैंसर आपको तड़पा तड़पा कर मारेगा। और अगले दिन खबरदार जो किसी ने पानी की बर्बादी की तो। एक दिन मे आप सब लोग मिलकर इतना पानी बचा सकते हैं की उस से महाराष्ट्र के पूरे विदर्भ का सूखा झट से खत्म हो जाये। जो पानी आप बचाएंगे वो य्य्ये बड़ी बड़ी पाईप लाइनों से अगले ही दिन विदर्भ पहुंचा दिया जायेगा। और फिर आपको चारों और हरियाली और खुशहाली दिखाई देगी। इसलिये येन केन प्रकरेण देश मे रामराज्य स्थपित करने मे सहयोग करें। और हम इस बार आपको "होली के त्यौहार की ढेर सारी शुभकामनाएं" ऐसा बिल्कुल नहीं बोलेंगे। अब तो प्लीज़ दे दो secularism का एक certificate हमे भी। I am also a Secular ...... ह्हहूऊऊऊ।