अगर आपके पास कोई भी protective equipment नहीं है तो शहद पाने के लिये आपको मधुमक्खी के छत्ते मे सीधा हाथ ही डालना पड़ेगा। हालांकि शहद पाने की लालसा मे हाथ का जख्मी होना भी स्वभाविक है। जख्मो के लिये remedy तैयार रखना आपका काम है। भाजपा ने सिर्फ और सिर्फ छत्ते मे हाथ डाला है। पर मुफ्ती को देख कर लगता है की इस केस मे मधुमक्खी भी confidence मे नहीं डर मे जी रही है। शहद लूट जाने के डर मे। मेरा मानना है की अलबत्ता तो आपको ऐसे उल्टे पंगे लेने ही नहीं चाहिये थे। पर अब जब छत्ते मे हाथ डाल ही दिया है तो डटे रहो। हाथ जख्मी करवाने के बाद भी बिना शहद लिये आने सिर्फ और सिर्फ मूर्खता ही कही जायेगी। अभी तो बस शुरुआत है डॅंक तो कई लगने बाकी हैं। हमे कोई जल्दी नहीं बस आते हुए जरा सा शहद लेते आना। डटे रहो।
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