अकबर बीरबल की कहानियां हम सबने खूब सुनी हैं. किस्से भले ही पुराने हों पर सच आज भी उतने ही होते हैं. इसी तरह ढेर सारे किस्सों के बीच एक किस्सा यह भी...
एक दिन बादशाह अकबर और बीरबल महल के बागों में सैर कर रहे थे। वे बीरबल से बोले, 'बीरबल, देखो यह बैंगन, कितनी सुंदर लग रहे हैं!इनकी सब्जी कितनी स्वादिष्ट लगती है! मुझे बैंगन बहुत पसंद हैं।"
हां! महाराज, आप सत्य कहते हैं। यह बैंगन है ही ऐसी सब्जी, जो ना सिर्फ देखने में ब्लकि खाने में भी इसका कोई मुकाबला नहीं है। और देखिए महाराज भगवान ने भी इसीलिए इसके सिर पर ताज बनाया है। बादशाह अकबर यह सुनकर बहुत खुश हुआ।
कुछ हफ्तों बाद बादशाह अकबर और बीरबल उसी बाग में घूम रहे थे। बादशाह अकबर को कुछ याद आया और मुस्कुराते हुए बोले, 'बीरबल देखो यह बैंगन कितना भद्दा और बदसूरत है और यह खाने में भी बहुत बेस्वाद है।'
हां हुजूर! आप सही कह रहे हैं बीरबल बोला। इसीलिए इसका नाम बे-गुण है बीरबल ने चतुराई से नाम को बदलते हुए कहा।
यह सुनकर बादशाह अकबर को गुस्सा आ गया। उन्होंने झल्लाते हुए कहा, 'क्या मतलब है बीरबल?' मैं जो भी बात कहता हूं तुम उसे ही ठीक बताते हो। बैंगन के बारे में तुम्हारी दोनों ही बातें सच कैसे हो सकती हैं, क्या तुम मुझे समझाओगे?
बीरबल ने हाथ जोडते हुए कहा, 'हुजूर, मैं आपका नौकर हूं बैंगन का नहीं।'
.....................................................................................................................
चुनाव से पहले सर जी - 'हर बार दिल्ली में जब भी कोई रेप होता है, अपराध होता है शीला दिक्सित कहती है दिल्ली पुलिस हमारे पास नहीं है. क्या हमें ऐसी असहाय मुख्यमंत्री की जरुरत है?"
आपिया - 'Yes sir you are absolutely true.. अब तो आप ही हो जो दिल्ली को बचा सकते हो.' सर जी सुन कर खुश हुए.
चुनाव के बाद - 'दिल्ली में लगातार अल्पसंख्यक बच्चियों का रेप हो रहा है. माना मैं मुख्यमंत्री हूँ पर PM और LG क्या कर रहे हैं. क्या वो अल्पसंख्यकों पर अत्याचार नहीं रोक सकते. मैं क्या करूँ दिल्ली पुलिस मेरे पास नही है नहीं तो मैं बताता की मैं क्या चीज़ हूँ।'
आपिया - ' Yes sir you are absolutely true...वाह। आज तो मज़ा आ गया .. आप जिस तरह से ट्वीट करते हो सोशल मीडिया पर क्रांति मचा कर रख दी है. ये तो मुख्यमंत्री का काम है ही नहीं।'
अबे पर पहले तो सर जी ने कहा था...'अबे चुप मैं सर का चम्मचा हूँ तेरा नहीं. ये देख मेरा ईमानदारी का सर्टिफिकेट. सर जी की जय हो.' आपिया ख़ुशी से नाचता हुआ चला गया। भक्त अभी तक अपने ऑफिस में बैठ कर सोच रहा है बीरबल आज तुम होते तो चमचागिरी में कड़ी टक्कर मिलती. .