तो आखिरकार रेल की पटरियों और सड़कों पर शांतिपूर्वक किये गए सत्याग्रह की वजह से गूजरों को भी आरक्षण मिल ही गया. ये मेरे जैसे उन हज़ारों लोगों के मुँह पर झनझनाता तमाचा है जो बेचारे गूजरों पर जोक बना रहे थे और बोल रहे थे की रेलवे ट्रैक पर आरक्षण नहीं मिलता. अब जाटों की बारी है. हरियाणा में भी भाजपा की ही सरकार है. खट्टर को CM बनाने के बाद हरियाणा के जाट वैसे भी भाजपा से नाराज चल रहे हैं. तो दोनों पक्ष मोल भाव करो और अपना अपना हक़ ले लो. साथ ही भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो न तो बेशर्म और ढीठ है और न ही इनमे कलेजा है की जो कोई जोर जबरदस्ती कर के आंदोलन खत्म करवा दिया जाये. ऐसे मामलों में घुटने टेकने का भाजपा का इतिहास पुराना रहा है. पहले एक दौर की वार्ता फिर दूसरे, तीसरे......और पता नहीं कितने दौर की वार्ता उसके बाद ये पड़ें हैं आपके चरणों में. फिर ब्राह्मणों - पंजाबियों - बनियों की बारी आये. जब सारी जातियों का हो जाये उसके बाद धर्म के आधार पर आरक्षण होना चाहिए. मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैनियों इत्यादि सभी को आरक्षण मिलना चाहिए................. उधर गर्मी और लू की वजह से सुनने में आ रहा है देश भर कोई हज़ार लोग मर गए. मैं ये सोच कर हैरान हूँ की अभी तक सरकार ने मुआवजे की घोषणा क्यों नहीं की है? न ही किसी ने इसकी मांग की है अभी तक!! अगर कोई NGO कर्मी इस पोस्ट को पढ़े तो भाई आपसे भी आग्रह है की तुरंत सक्रिय हो जाएँ. आखिर हराम की मलाई पर सबका बराबर का हक़ होना चाहिए. देश, मेहनत, विकास सब बाद में सबसे पहले आरक्षण और मुआवजा. We Parasite people of Indian Republic demands solatium and reservation to all ........
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