एक नये ब्रांड एम्बेसडर आये हैं मार्केट मे। बोले
की दारू पी कर सो जाओ। बुराई नहीं है। रिश्वत दिया करो, मैने भी दी
है। चूहा खाओ, मै भी खाता हूँ। सही तो कह रहे हैं। अब अगर पब्लिक नहीं
समझ रही है तो साहब की क्या गलती है इसमे? अगर बेचारा दलित है तो इसका मतलब ये नहीं
है की आप सब लोग उसको ऐसे गरियाओगे। मोदी क्या जाने क्या होती है गरीबी। ऐसे
ही फेंकते रहते हैं की मैने चाय बेची है।ये बताओ साहब आपने चूहा खाया है कभी? नहीं
न खाये हो। तब काहे इतना उछाल कूद मचा रखे हो गरीबी के नाम पर। चुप
से बैठो और खबरदार अब अगर कभी गरीबी का नाम लिया तो। गरीबी का सर्टिफिकेट आपसे
छीन कर देश के उभरते हुए दलित मुख्यमंत्री श्री श्री मांझी साहब को दिया जाता है।
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