उस समय सातवीं क्लास में पढता था. ज्यादा कुछ ज्ञान भी नहीं था इसलिए सब कुछ ठीक से याद नहीं. पर जैसा याद है वैसा लिख देता हूँ...... चरखी दादरी (हरियाणा) के आस पास आसमान में Saudi Arabian Airlines और Kazakhstan Airlines के दो जहाज टकरा गए थे...... बताते हैं की विमान इतिहास में आजतक की तीसरी सबसे बड़ी दुर्घटना थी. इसमें सवार दोनों विमानों के सभी 349 लोग मारे गए थे. टक्कर इतनी भीषण थी की हमारा गांव जो लगभग 50 KM दूर है वहां से भी एक बार को आसमान पूरा लाल दिखाई देने लगा था........... उसके दो चार दिन बाद जब मिडिया प्रलाप चल रहा था तब एक दिन अख़बार में पढ़ा की जहाज की दुर्घटना की खबर भारतीय प्रधानमंत्री को अमेरिका से मिली. माने भारत के प्रशासन से पहले खबर अमेरिका या उसके नासा सेंटर को लगी थी...... अब तक इस खबर को 100 % सच नहीं मानता था. ऐसा भी भला हो सकता है? दुर्घटना भारत के आकाश में हो और खबर पहले नासा को पता लगे? ना ना ऐसा नहीं हो सकता. कोरी गप ही होगी. मिडिया ने यूँही सनसनी बनाये होगी........ पर अब सुन रहा हूँ की नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को वहां आए विध्वंसकारी भूकंप की जानकारी भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के ट्वीट्स से मिली थी। अब क्या किया जाये? यूँ की एक खबर सच्ची एक झूठी मानी जाये? या की यूँ की दोनों खबर झूठी? या फिर दोनों खबर सच? और एक यूँ की दोनों ख़बरों की तुलना ही ना की जाये?
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