Thursday, 7 May 2015

नेशनल कॉन्फ्रेंस का नामकरण

उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस का नामकरण कैसे हुआ. 
..........................................................................................................

शेख अब्दुल्ला ने अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से शिक्षा ली. वहां से पढ़कर निकले अब्दुल्ला ने कश्मीर पहुँचते ही जम्मू कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस नामक संस्था स्थापित की. कुछ समय बाद कुछ मतभेदों की वजह से मुस्लिम कॉन्फ्रेंस टूट गयी और चौधरी गुलाम अब्बास इसके सर्वेसर्वा बन गए. चौधरी ने गांधी जी के पदचिन्हो पर चलते हुए कानून भंग आंदोलन का शंख फूंका पर उसे जनता का समर्थन न मिला. सरकार ने अब्बास को गिरफ्तार किया और 6 महीने के लिए जेल भेज दिया. इधर शेख अब्दुल्ला बड़ी चतुराई से सारी परिस्थिति का जायजा ले रहे थे. अब्बास के पश्चात मुस्लिम कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व उनके पास ही आया. उधर भारत में स्वतंत्रता आंदोलन जोर पकड़ रहा था. शेख अब्दुल्ला ने इस आंदोलन से जुड़ना लाभदायक समझा परन्तु उनकी संस्था का नाम मुस्लिम कॉन्फ्रेंस होने की वजह से कांग्रेस के साथ उसकी साझेदारी में दिक्कत आ रही थी. इसलिए 1935 में जम्मू कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस का नाम बदल कर उसे जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस कर दिया गया. यह नाम आज तक चालू है. यह नाम एक राजनैतिक रणनीति थी उसमे ह्रदय परिवर्तन का कोई अंश नहीं था. 
.................................................................................................................
(कश्मीर समस्या और समाधान by माधव गोविन्द वैद्य)

No comments:

Post a Comment