Sunday, 8 February 2015

The Bomb has exploded

कल एक किताब का कोई अंश पढ़ने को मिला। सुनिये कुछ यूं था - एक बार एक विमान के अन्दर एक टेररिस्ट होता है। इसे सौभाग्य कहें या दुर्भाग्य की ये बात सिर्फ विमान स्टाफ को पता चली, अन्य यात्रियों को नहीं। किसी तरह की परेशानी ना हो इसलिये विमान का स्टाफ उस टेररिस्ट को घेर लेता है। और एयर होस्टेस टेररिस्ट के हाथ से बम वाला पार्सल छीन लेती है। पर तभी विमान मे बैठा एक आम आदमी जिस से दूसरे बेचारे आम आदमी का दुख सहन नहीं हुआ, तुरंत हरकत मे आता है और फुर्ती से ऐअर होस्टेस के हाथ से वो पार्सल छीनकर उस टेररिस्ट को दे देता है। वो सोचता है कि उसने एक विमान स्टाफ के अत्याचारों के खिलाफ एक आम आदमी की मदद की। जब तक extra समझदार आम आदमी को super extra आम आदमी की हकीकत समझ आती है तब तक बम फट चुका होता है। दिल्ली वालों आपको आपका नया मुख्यमंत्री मुबारक हो। The Bomb has exploded .... All The Best ....

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