पहले जब जिंदगी में थोड़ी फुर्सत होती थी तब कभी कभार किसी मुद्दे पर अपने विचार डायरी में लिखता था. फिर फेसबुक आया और हम फेसबुक को एक रफ़ नोट बुक की तरह यूज़ करने लगे. अपना लिखा हुआ सुरक्षित रखने के लिए अब फेसबुक के साथ साथ यहाँ अपने ब्लॉग पेज पर भी लिख लेते हैं. इसका एक फायदा ये भी है की समय के साथ आपके लिखने में क्या सुधार हो रहा है वो आप बड़ी आसानी से समझ सकते हैं.
इच्छा ये है की किसी दिन ज्यादा से ज्यादा बड़ा लिखने लायक सिख सकूँ और फिर गर्व से सबको दिखा सकूँ.
Wednesday, 11 February 2015
नर्सरी मे IAS की तैयारी
सुनिये इसको save कर लीजिये। 2019 मे भी मुद्दों का अभाव होने वाला है। तब ये फोटो फिर से फिजाओं मे तैरेगी। मोदी हाय हाय। अपनी पत्नी को साथ नहीं रखता हाय हाय। और हाँ इसको कहते हैं नर्सरी मे IAS की तैयारी करना। मान गये उस्ताद।
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